अशोक मिशन दिल्ली में स्थित एक शांत और हरियाली से भरा बौद्ध परिसर है। यह जगह Qutub Minar Metro Station के ठीक सामने सड़क के दूसरी ओर है और Exit Gate 2 से बाहर निकलकर आसानी से पहुँची जा सकती है। सड़क पार करने के लिए पास में foot overbridge भी मौजूद है। 👉मैप पर लोकेशन के बारे में और जानें

यह स्थान पूरे दिन खुला रहता है और यहाँ प्रवेश पूरी तरह मुफ़्त है। जैसे ही आप अंदर पहुँचते हैं, आपको एक लाल रंग का दरवाज़ा दिखाई देगा जो कभी-कभी बंद लगता है। बस दरवाज़े पर हल्के से knock कर दीजिए — आमतौर पर वहाँ मौजूद guard दरवाज़ा खोल देता है। अंदर का माहौल काफ़ी शांत, हरा-भरा और सुकून भरा है। बाहर की भीड़-भाड़ और शोर से यह जगह पूरी तरह अलग महसूस होती है।

परिसर में आपको:
यह मिशन मुख्य रूप से Ladakh region से जुड़े बौद्ध समुदाय द्वारा संचालित किया जाता है, इसलिए यहाँ आपको Himalayan Buddhist culture की झलक साफ़ दिखाई देती है। परिसर के बीच में एक बड़ा बरगद का पेड़ भी है, जो इस जगह को और भी शांत और खास बना देता है।

कभी-कभी यहाँ photography या videography की अनुमति नहीं होती। अगर आप फोटो या वीडियो लेना चाहते हैं, तो पहले gaurd से पूछ लेना बेहतर रहता है।

यहाँ “मिशन” शब्द का मतलब कोई secret mission या army mission नहीं है। बौद्ध संदर्भ में, मिशन का अर्थ होता है:
अशोक मिशन का नाम स्म्राट अशोक की उस विरासत से जुड़ा है, जहाँ उन्होंने युद्ध का मार्ग छोड़कर शांति और Buddhism को अपनाया था।